मसँद प्रथा की समाप्ति
मसँद प्रथा की समाप्ति मसँद शब्द अरबी के मसनद से बना है जिसका भाव है– तकिया, गद्दी, तख्त अथवा सिँहासन। अतः मसँदों का गुरू घर में अर्थ...
Read more »मसँद प्रथा की समाप्ति मसँद शब्द अरबी के मसनद से बना है जिसका भाव है– तकिया, गद्दी, तख्त अथवा सिँहासन। अतः मसँदों का गुरू घर में अर्थ...
Read more »राजा रामसिँह द्वारा घोड़े भेंट राजा रामसिँह अभी आसाम में ही था कि श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी की शहादत हो गई। राजा रामसिँह जब दिल्ली प...
Read more »पीर अरिफद्दीन एक दिन, बाबा गोबिंद राय अपनी उम्र के बच्चों के साथ खेल रहे थे कि एक पीर जी राइडर था जिसका नाम अरिफिन रखा गया था। उन्होंने ...
Read more »पंजाब में गुरु के परिवार की वापसी जब गुरु तेग बहादुर जी के सभी परिवार के सदस्य पटना साहिब आने लगे, तो पटना साहिब जी भी कंपनी के साथ उठ ...
Read more »भाई लक्खी शाह श्री आनंदपुर साहिब जी में प्रतिदिन रौनक बढ़ रही थी। सिक्ख संगतें प्रतिदिन दूर-दूर से दर्शनों को आने लगीं। एक दिन दिल्ली...
Read more »सौभाग्यवती रानी विश्वम्भरा मैणी गोत्र-खत्री जागीरदार, राजा उपाधि से विभुषित फतेहचन्द, पटना साहिब नगर की घनी आबादी में एक विशेष हवेली म...
Read more »पण्डित शिवदत जी गोबिन्द राय अपनी आयु के बच्चों के साथ प्रायः गँगा किनारे ही खेलते थे। मुख्य घाट पर अभ्यागतों अथवा साधू संतो का भी आवाग...
Read more »प्रकाश (जन्म) जन्मः 22 दिसम्बर, 1666 जन्म स्थानः श्री पटना साहिब जी श्री पटना साहिब जी 5 तखतों में से एक है। श्री पटना साहिब जी ...
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